CBSE 10th Result Marksheet 2026: सीबीएसई 10वीं के छात्रों के लिए बोर्ड ने बड़ा अपडेट जारी किया है। अब पहली बोर्ड परीक्षा के बाद छात्रों को सिर्फ मार्कशीट मिलेगी, जबकि पासिंग सर्टिफिकेट दूसरी परीक्षा के बाद जारी किया जाएगा। बोर्ड के अनुसार यह मार्कशीट सीधे छात्रों के डिजिलॉकर अकाउंट में भेजी जाएगी, जिससे उन्हें आगे एडमिशन लेने में किसी तरह की दिक्कत नहीं होगी। बता दें इस नए सिस्टम को लेकर छात्रों और अभिभावकों में काफी समय से चर्चा चल रही थी और अब बोर्ड ने इसे पूरी तरह साफ कर दिया है। इससे पहले कई छात्रों को यह समझ नहीं आ रहा था कि पहली परीक्षा के बाद उनका स्टेटस क्या रहेगा, लेकिन अब यह स्पष्ट हो गया है कि मार्कशीट के आधार पर पढ़ाई जारी रखी जा सकती है।
पहली परीक्षा के बाद क्या मिलेगा
सीबीएसई ने साफ कर दिया है कि 10वीं की पहली परीक्षा के बाद छात्रों को केवल अंक तालिका यानी मार्कशीट दी जाएगी। यह मार्कशीट डिजिलॉकर पर उपलब्ध होगी और छात्र इसी के आधार पर 11वीं में एडमिशन ले सकेंगे। बोर्ड का कहना है कि स्कूल इस मार्कशीट के आधार पर प्रवेश देने से मना नहीं कर सकते हैं, जिससे छात्रों का एक साल खराब होने का डर खत्म हो गया है।
पासिंग सर्टिफिकेट कब मिलेगा
बोर्ड के अनुसार पासिंग सर्टिफिकेट दूसरी बोर्ड परीक्षा पूरी होने के बाद ही जारी किया जाएगा। यानी जो छात्र सेकेंड एग्जाम देंगे या पूरी प्रक्रिया खत्म होगी, उसके बाद ही उन्हें सर्टिफिकेट मिलेगा। यह भी डिजिलॉकर के जरिए ही उपलब्ध कराया जाएगा और बाद में छात्रों को इसे अपने स्कूल में जमा करना होगा, ताकि उनका रिकॉर्ड पूरा हो सके। साथ ही यह सर्टिफिकेट भविष्य में आगे की पढ़ाई और अन्य जरूरी कामों में भी उपयोग किया जाएगा।
छात्रों के सवालों पर बोर्ड ने दी जानकारी
पिछले कुछ दिनों में सीबीएसई की काउंसलिंग सेवा में छात्रों ने पासिंग सर्टिफिकेट को लेकर काफी सवाल पूछे थे। इसी को ध्यान में रखते हुए बोर्ड के परीक्षा नियंत्रक ने यह जानकारी दी है। छात्रों के मन में यह कन्फ्यूजन था कि पहली परीक्षा के बाद सर्टिफिकेट मिलेगा या नहीं, जिसे अब बोर्ड ने पूरी तरह साफ कर दिया है।
सेकेंड एग्जाम के लिए आवेदन की जानकारी
सीबीएसई 10वीं सेकेंड एग्जाम के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और स्कूलों के माध्यम से एलओसी जमा की जा रही है। यह प्रक्रिया 18 मार्च से शुरू होकर 31 मार्च तक चलेगी। इसके बाद रिजल्ट घोषित होने के बाद दूसरा चरण शुरू होगा और फिर लेट फीस के साथ एक और मौका दिया जाएगा। यह पूरी व्यवस्था नई शिक्षा नीति 2020 के तहत पहली बार लागू की जा रही है।
कौन दे सकता है सेकेंड एग्जाम
- वही छात्र सेकेंड बोर्ड परीक्षा में बैठ सकते हैं जिन्होंने पहली परीक्षा दी हो
- कम से कम तीन विषयों की परीक्षा देना जरूरी है
- छात्र साइंस, मैथ, सोशल साइंस और भाषा में से अधिकतम तीन विषय चुन सकते हैं
- जिन छात्रों का रिजल्ट कंपार्टमेंट आया है, वे भी इसमें शामिल हो सकते हैं
- जो छात्र पहली परीक्षा में तीन या उससे ज्यादा विषयों में अनुपस्थित रहे, वे पात्र नहीं होंगे
सेकेंड एग्जाम से क्या फायदा होगा
इस नई व्यवस्था से छात्रों को अपने नंबर सुधारने का मौका मिलेगा। अगर किसी छात्र के पहले एग्जाम में नंबर कम आते हैं तो वह सेकेंड एग्जाम देकर उन्हें बेहतर कर सकता है। बोर्ड का मानना है कि इससे छात्रों पर एक बार में अच्छे नंबर लाने का दबाव कम होगा और वे बेहतर प्रदर्शन कर पाएंगे।
अप्रैल में आ सकता है 10वीं का रिजल्ट
सीबीएसई 10वीं के रिजल्ट को लेकर भी अपडेट सामने आ रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस बार बोर्ड अप्रैल महीने में ही 10वीं का रिजल्ट जारी कर सकता है। हालांकि बोर्ड की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है। आमतौर पर सीबीएसई रिजल्ट मई में आता है, लेकिन इस बार प्रक्रिया तेज होने के कारण रिजल्ट जल्दी जारी होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे छात्रों का इंतजार जल्द खत्म हो सकता है।

